Top Ad unit 728 × 90

Latest

recent

आधियात्मिक यात्रा -3




मित्रो
जब हम अपने वास्तविक गुण और वास्तविक स्वभाव में होते है तब बहुत ही खुश और शांत होते है .तब कोय भी परिस्थिति आए तब भी वह परिस्थिति हमें विचलित नहीं कर सकती
सब ने ये तो देखा ही होगा की एक छोटा बालक (५-१० महीने की उम्र ) केसा होता हैउस का मन केसा होता है ज्यादातर खुश या तो स्टेबल ….तो सारा खेल मन की अवस्था का है

अब एशा किया हुआ की लास्ट ३०/४० सालो में महत्तम व्यक्ति का मानसिक अवस्था योगय नहीं रही मन -सब से जायदा स्टोर या केच वही करता जो आंखे देखती है ,वह कान सुने हुए शब्द और पढ़े हुए शब्द से जायद आँखों से देखि हुए चीजे स्टोर करता है तो आज का मन क्या देखता है और कहासे !!! टीवी -मोबाइल -मूवीज -ज्यादातर मनुष्य आज -देख के ही जी रहा है ना !!! तो मन की हालत किया होगी जब भी हमारे साथ कोय परिस्थिति आती है -घटना बनती है तो हमारा उस घटना केलिए निर्णय -हमारे मन में स्टोर हुए विचारो के आधार पे ही होता है तो हमारे द्वारा लिया गया निर्णय एक पुराणी घटना का पुनरावर्तन ही करेगा नया कुछ नहीं


ओम शांति 
आधियात्मिक यात्रा -3 Reviewed by Mr. Mahesh on December 13, 2019 Rating: 5

No comments:

All Rights Reserved by Spiritual Life © 2019 - 2020
Powered By Google, Designed by Mr. Vimal Vanani

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.