Spirituality for destiny
मित्रो
ओम शांति
आज का विषय है हम और हमारा विश्वाश
श्रीमद भगवद गीता में लिखा है की मनुष्य वैसा ही बन जाता है जैसा वह विश्वास करता है
स्वामी विवेकानंदजी ने भी कहा है की ब्रह्माण्ड की सारी शक्ति तुम्हारे लिए है मगर तुम्ही हो अपनी आंखे बंध
करके बैठे हो .
शास्त्र शिरोमणि श्रीमद भगवद गीता और अनेको अनेक महान व्यक्ति के हरेक बात में ये बात संकेत देती है की आज जो हम वह सिर्फ हमारी सोच एवं सोच से उत्पन हुए भावना की तरंगे के कारन है
हमारी महसूसता ही हमें बनाती है
१०१ डिग्री बुखार में हरेक व्यक्ति को किया एक समान महसूसता होगी ??
-२ डिग्री ठंडी में किया सब को समान ठण्ड लगेगी ???
हम और कुछ नहीं सिर्फ हमारे विचारो से बनी महसूसता है
आपकी वर्तमान हकीकत या जिंदगी उन विचारो का परिणाम है जो आप सोच रहेहो.जब आप अपने विचारो और भावना को बदल लेंगे तो आपकी हकीकत और जिंदगी पूरी तरह बदल जाएगी
किसी ने सच ही लिखा है की
इंसान खुद को बदल सकता है और अपनी तक़दीर का मालिक बन सकता है यह हर उस व्यक्ति का
निष्कर्ष है जो सही विचार की शक्ति के प्रति पूरी तरह सजग है
ओम शांति
मित्रो ये मेरा अनुभव है
मुझे अपने आप को शिक्षित करने केलिए एक ही उत्तम यूनिवर्सिटी मिली
i am inspired by :Brahma kumaris vishwavidyalaya
Spirituality for destiny
Reviewed by Mr. Mahesh
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January 14, 2020
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