Subconscious Mind-2
मित्रो
आंतरिक शक्ति या कहे अवचेतन मन को जागृत और उस की अपने जीवन में उपयोग करने की पहेली विधि समजो तो ये है की
सब से पहले तो हमें हमारे विचारो प्रति सजग रहना है.हमारे विचार कहा जा रहे है और कियु जा रहे है उस को सिर्फ शांति से देखना है और उस में जो बिन जरुरी है उसे सिर्फ नकारना है.जब हम ये करेंगे तो बाह्य मन अपने आप घूम ना अटक जाता है और हमें ये पता चलता ही की हमारा मन फालतू में कितना एनर्जी वेस्ट करता है.
हमे अपने आप बात करनी है अपने आप बात करना शिखना है जब हम ये टेक्निक की अजमाइस करते है तो
बाह्य मन जो इधर उधर सतत घूमता रहता है वह फिरना कम हो जायेगा
जिस से व्यर्थ विचारो की मात्रा कम हो जाएगी उस से ये होगा की बाह्य मन से जो कोड -संगना आंतरिक मन को मिलती ही वह कम होगी तो आंतरिक मन भी कोड या संगना पकड़ सकता है .आंतरिक शांति की जरुरत इशलिये ही है .जब बाह्य मन से विचारो की श्रृंखला कम होती है और भाव कम होते है तो आंतरिक मन अपनी शक्ति को उजागर कर सकता है .
तो आंतरिक मन तक पहुंचने के पहला साधन -बाह्य विचारो प्रति सजग -और बाह्य विचारो पे नजर रखना
दूसरा है अपने आंतरिक शांति प्रस्थापित बनाये रखना
फिर विचारो को मोड़ ना है जैसे नदी के पानी को रोक नहीं सकते और अगर रोके रखा तो बहुत हानि हो सकती है मगर हम नदी के पानी के बहाव को एक मोड़ जरूर दे सकते है जिस से नुकशान भी नहीं होगा और दिशा मोड़ ने से लाभ भी ले सकते है .
आशा है की आप समज गए होंगे की बाह्य मन पे निगरानी रख ने के बाद किया करना है
ओम शांति
आंतरिक मन (आत्मा ) अखुट शक्ति का भंडार है
Subconscious Mind-2
Reviewed by Mr. Mahesh
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December 30, 2019
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