Subconscious mind -3
मित्रो
ओम शांति
हम ने अगले दो लेख में देखा की हमारी आंतरिक शक्ति (आत्म बल ) या तो अवचेतन मन के पास कितनी अथाग शक्ति है और वह क्या कर सकता है.वह हमारे शरीर में जो रोग आंतरिक में से उदभव हुए हो वह मिटा सकता है
आज हम ये देख ते है की आज के जमाना में आज के व्यस्त समय में आंतरिक शक्ति को कैसे जगाये जाये
सब से पहले हमें बाह्यता से विमुख होना पड़ेगा
आंतरिक शक्ति को जगाने के तरीके सायद कई होंगे मगर मेने जो पढ़ा है और महसूस किया है वह तरीका
यहाँ लिखाता हु
1) affirmation
2) visualization
3) meditation
ये तीन स्टेप से कोशिस करे तो सायद हम हमारी आंतरिक शक्ति को महसूस कर सकते है
पहला स्टेप का मतलब है की आप का बाह्य मन जो माहिती बटोरता है उस की सत्यता देखो बाह्य मन एक स्त्रोत बन के हमारी आंतरिक शक्ति की और जो माहिती भेजता है उस में कितनी सत्यता है ...वह माहिती किया निस्वार्थ है ?? वह माहिती सब केलिए सही है ?? वह सम्पूर्ण सुद्ध है ??? वह हर आत्मा केलिए शुभभावना -शुभकामना से की गई है ??? जो हमारे मूल गुण है उस से ताल मेल में है ???
बाह्य मन ने जो माहिती इकठी की वह सनातन है ???
एक आत्मा का मूल और सनातन गुण है पवित्रता जिस में हमेस शुभ और शुभ है होता है
तो पहला पॉइंट तो ये है की हमारी बाह्य सोच कितनी सुद्ध एवं आत्मा के मूल गुणों के अनुकूल है.
इस का हमें आत्ममंथन करना है
पहले पॉइंट का मतलब ही है प्रतिज्ञान
मित्रो
अगले लेख में हम आगे के पॉइंट देख्नेगे
अगर आपको लेख अच्छा लगे तो कमेंट जरूर भेजना
I am inspired by brahma kumari ishwariya vishwavidyalaya
Subconscious mind -3
Reviewed by Mr. Mahesh
on
December 31, 2019
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