Mind & Sky
मित्रो
हम सब ने कई बार सुना होगा और महसूस भी किया होगा की जो हम सोचते है वह देखते है
और कभी कभी सामने वाले से बोलने से पहले पता चलजता ही की वह किया कहना चाहते है
उस का कारन है ईथर तत्व
एक लेख मेने पढ़ा है वह में यहाँ शेयर करता हु सायद आपको अच्छा लगे
-आकाश में एक और सूक्ष्म तत्व है, जिसे ईथर कहते है ।
-हम जो विचार करते है, तो हमारे आसपास लहरें बनती है,।
- ये लहरें ईथर में चली जाती हैं, जिस से सारे आकाश में फैल जाती हैंं । यही कारण है कि ऋषियो के आश्रमों के निकट सभी जानवर अहिंसक हो जाते थे ।
-इन अदृश्य तरंगों के आगे, बड़े बड़े बली, तथा धनाढ़य भी हार जाते है ।
-इसे ही आत्म तेज कहते है ।
-जो व्यक्ति इन तरंगों के क्षेत्र में आ जाता है, उनसे प्रभावित हुए बिना नही रह सकता ।
-हमारे विचार छोटे छोटे परमाणुओं से बने होते है ।
-विचार के सूक्ष्म अणु बहुत शक्तिशाली होते है ।
-अगर विचारो के पीछे दृढ़ इच्छा शक्ति का बल है, तो यह दूर दूर तक बहुत तीव्र प्रभाव डालेंगे । अगर इच्छा शक्ति का बल कम है, तो इसका प्रभाव भी दूसरो पर कम होगा ।
-अगर आप सत्य पर भाषण करते है, और वास्तव में आप झूठे है ,तो इन विचारो का प्रभाव नाम मात्र होगा । लोग झूठ बोलना नही छोड़ेगे ।
-आप पवित्रता पर समझाते है, परंतु मन में पवित्रता नही है ,तो लोग पवित्रता नही अपनायेंगे । जो अपनायेंगे भी तो उनके मन में खुशी नही होगी ।
-अगर आप राज नेता की तरह एक दो के पीछे जासूस लगाये रखते है, पीठ पीछे निंदा करते है, अभिमान में रहते है, दूसरो को कुचलने, घर का रास्ता दिखाने , दूसरो को सादगी से रहना सिखाते है, परंतु खुद सैर सपाटे का कोई चान्स नही गंवाते है, फूट डालते रहते है, जिस से विचार नही मिलते, उसे आगे नही बढ़ने देते है, तो आप की इच्छा शक्ति कमजोर रहेगी । यही वातावरण में फैलेगा । जिस की प्रतिक्रिया यह होगी, कि आप से लोग दूर भागेंगे । सहयोग नही देंगे ।
-विचार के सूक्ष्म परमाणु मन से, जो सोचा उसे अपने में लेकर प्रकाशित हो जाते है, और पूरे ब्रह्माण्ड में चले जाते है ,क्योंकि ईथर हमारे दिमाग में भी है ।
- ये जो हम सोचते है, विचार करते है, यह ईथर तत्व में करते है, ये सोच सारे विश्व में पहुँचता रहता है ।
ओम शांति..
Mind & Sky
Reviewed by Mr. Mahesh
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July 30, 2020
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