Power of Spiritual Mind
मित्रो
ओम शांति
मेने अलग अलग 8 पार्ट में कोशिस की मेरी समज को थोडा समजा सकू हरेक पार्ट मन की शक्ति की और ही लेजाता है मन को कैसे बाह्यता में से निकाले और आंतरिक शक्ति (मन ) को समजे
सब से पहले तो हमें ये देखना है की हमारा बाह्य मन कहा कहा घूम रहा है.उसे रोकना या तो पकड़ना नहीं है मगर सिर्फ monitoring ही करना है फिर आप को समज आ जायेगा की उस को कैसे सही दिशा में लाये मन को कभी दबाना नहीं है सिर्फ मोड़ना है
जब मन को ये पता चल जायेगा की मेरा monitoring हो रहा है तो वह अपने आप धीरे धीरे भागना कम हो जायेगा हरेक के मन में अभी के समय में 24 hours में 80/90 thousand thoughts आते है और उस में से ज़्यदातर व्यर्थ होते है और ज्यादातर अनदेखे समय (future ) के होते है हम धीरे धीरे सब विचारो को रोक सकते है और मन को सिर्फ वर्तमान में रख सकते है उस के लिए बुद्धि का उपयोग करना पड़ेगा आत्मा की एक शक्ति है स्वीकार करने की शक्ति, मतलब जो भी हो रहा है उस को स्वीकार करना जैसा भी हो किउकी वह सायद हम नहीं बदल सकते .जैसे की कोय अगर बहुत गोरा या काला हो तो किया वह बदला जा सकता है ??? नहीं तो बस स्वीकार करलो मन से आंतरिक शुद्ध भाव से तो .मन उस के बारे में सोच ना बंध करदेगा जो भी हम स्वीकार करलेते है उस के बारे में हमारा मन सोच ना बंध करदेगा ये मेरा कोय ज्ञान नहीं है मगर ये सब उच्च महान आत्मा का दिया ज्ञान है मेने सिर्फ ये पढ़ा है और जीवन में उतारने की कोशिस कर रहा हु
ऐसे ही एक एक पॉइंट के बारे में हम बात करते रहेंगे शायद कोय बात किसी के मन को अच्छी लगे और उस का मन ये पकडे
आभार
सर्व मनुष्य आत्मा के पास एक सामान शक्ति ही देता ही परमात्मा मगर हम ही उस को नहीं पहचानते और वह शक्ति खो देते है
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Reviewed by Mr. Mahesh
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December 22, 2019
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