power of spirituality
मित्रो
SPIRITUALITY IS YOUR (SOUL) POWER
आंतरिक मन या तो आंतरिक दुनिया में जाने या समझने से पहले तो हमे ये समझना होता है की वास्तव में हम है कौन???
जब हमें हमारी सच्ची पहचान होगी और हम अपने आप को पूरी तरह समज ले तब ही हमारी आंतरिक यात्रा संभव होर सहज हो सकती है
आध्यात्मिकता धर्म नहीं मगर वह हम मानव की पहचान है जो आज लगभग सब भूल चुके है आज देखो सब धार्मिक जगह पे कितनी भीड़ है !!!सब किउ जाते है ?? किया पाने केलये जाते होंगे ?? किया लेके आते होंगे ???जब हमे हमारी वास्तविक पहचान ही नहीं तो किया मिलेगा !!!
सुख -शांति-पवित्र प्रेम -ये सब हमारे मूल गुण या तो शक्ति कहो या तो हमरी पहचान है मगर जब हमे जो हमारे पास है उसे ही सब ढूंढ रहे है तो किया जब सब ढूंढ ते है तो वह हमें कौन दे सकता है
आपके पास पानी का ग्लास भरा हुआ हो और आप तृष्णा के मारे मर रहे हो तो किस का दोष !!!आध्यात्मिकता सिर्फ ये बताती है की आप के पास पानी उपलबध है और इश्से आप अपनी तृष्णा छिपा सकते हो
आध्यात्मिकता कोय धर्म नहीं मगर मनुष्य जाती की वास्तविक पहचान है और जब कोय भी अपनी वास्तविक पहचान से दूर होते जायेंगे ऐसे ऐसे उसे खो देते हैऔर आखिर में बहार ढूंढ ने लगते है मगर जो चीज बहार है नहीं वह कहासे मिलती है
आध्यात्मिकता की पहल मन के विचारो से ही होती हैऔर मन -हमारी 5 कर्मेन्द्रियों से बंधित है एक पुराना स्लोगन है जैसी दृस्टि वैसी सृस्टि तो पहले दृस्टि फिर वृति फिर कृति और फिर सृस्टि आएगी मनुस्य जीवन की यात्रा अगर आध्यात्मिकता के साथ की तो वह आध्यात्मिकता यात्रा बनजाएगी
ये पूरी सृस्टि एक शक्ति है और वह शक्ति से आप और आपसे वह प्रभवित होती है और मन इस का कारन है
ओम शांति
एक करुणामय हदय ही ईश्वर की आवाज सुन सकता है
power of spirituality
Reviewed by Mr. Mahesh
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December 21, 2019
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