Spiritual Love
मित्रो
आज का लेख आध्यात्मिक प्रेम के बारे में है एक पवित्र,निस्वार्थ प्रेम क्या है और कैसे आपको फायदा करता है
प्रकृति प्रेम के नियमो पर चलती है ।
-प्रकृति के नियम नहीँ बदलते ।
-प्रेम का नियम समूचे ब्रह्मांड में हर छोटी से छोटी और बड़े से बड़ी चीज में सक्रिय है ।
प्रेम की शक्ति पूरी प्रकृति में साफ नजर आती है ।
-फूल मधुमखियां को आकर्षित करते हैं ।
-बीज मिट्टी के पोषक तत्वों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं ।
-प्रेम की शक्ति सभी जीव जंतुओं , समुन्दर की सभी मच्छलियो और सभी पक्षियों को अपनी नस्ल बढाने और झुंड बना कर रहने के लिए प्रेरित करती है ।
-प्रेम की शक्ति शरीर की कोशिकायों को, फर्नीचर को, पानी के गिलास को रोके रखती है ।
प्रेम की शक्ति ही हमें एक दूसरे की ओर खींचती है । यही शक्ति हमें दूसरे कार्यो की ओर खींचती है । यही प्रेम की शक्ति हमें अपने मित्रो और प्रिय लोगो की ओर खींचती है ।-प्रेम का नियम सर्व शक्तिवान है
-प्रेम की शक्ति प्रकृति की हर वस्तु, हर व्यक्ति, हर अणु व हर परमाणु को सामंजस्य में रखती है ।
-यह नियम आप के जीवन में सक्रिय है ।
आप जो देते है वही आप को वापिस मिलता है अर्थात उसे ही अपनी ओर आकर्षित करते हैं ।-हर क्रिया की समान और विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है ।देने की हर क्रिया पाने की प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है । आप जो देते है वह अवश्य आप की ओर लौटता है । यही सृष्टि का गणित है ।-आप हर पल साकारात्मक या नकारात्मक विचार व भावनाए दें रहे है ।आप के जीवन में जो भी घटनाए आती है वे आप के विचारो और भावनाओ द्वारा ही आकर्षित होती है-दोगे तो तुम्हे दिया जाएगा । जो देते है वही पाते है । मदद करोगे तो मदद मिलेगी । क्रोध करोगे तो क्रोधी लोग मिलेगे ।-आप जो सोचते है और महसूस करते हैं उसी अनुसार हर घटना और हर परिस्थिति का निर्माण होता है ।
वैसे तो ये एक कर्मसिद्धांत ही है मगर जो आप के मन में उद्धभव होता है वही आप के आस पास आ जाता है .यहाँ मन माना बाह्य नहीं मगर आंतरिकता से सबंधित है
ओम शांति
Spiritual Love
Reviewed by Mr. Mahesh
on
December 26, 2019
Rating:
Reviewed by Mr. Mahesh
on
December 26, 2019
Rating:

No comments: